AuthorTopic: हास्य स्पंदन (एक चोट लोहार की)  (Read 2458 times)

Offline राजू भट्ट

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  • लात भुलेंद पर बात नि भुलेंद
suberb...  :worship:  :worship:  :worship:  :worship:
दिदा.... तेरु... नौ... क्य... च?
मेऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ रु
हां!
घिऽऽ घिऽऽऽ घिऽऽऽऽऽ स्‍ऽऽ स्‍ऽऽऽऽ साऽऽऽऽऽऽ। अऽऽऽर तेऽऽऽऽऽरु
मेऽऽरु नौ......बि घिऽऽऽस्‍ऽऽसा ही च। प ऽ ण मि ‘दीक्षित आयोग का सि चार’ इथ्गा नि घिस्सऽऽणूं छौं।


पैली गढदेश  त्वीकु नमस्कार च
तेरी हम पर दयादृष्टि अपार च
तेरी छाया माँ हमकु बडी  मोज च
वीर पुत्रू की तेरी खडी  फौज च

Offline धनेश कोठारी

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  • मुट्ठियां भींचो मगर, मुट्ठियों में लावा भरकर, मुट्ठियों को तान दो।
गुजरात सरकार ने अपनी निषेधाज्ञा नीति में उदारता लाते हुए हवाई अड्डों पर शराब बिक्री को आउटलेट खोला।

वाह मोदी जी वाह!
अब गुजरात पहुंचने वाले पर्यटक गोधरा जैसी घटनाओं पर जानकारी जुटायें, सवाल जवाब करें, बहस करें, ऐसे मंजरों से रुबरु हों उससे पहले ही वे हवाई अड्डों से ‘टुन्न’ होकर निकलेंगे, और कदाचित तब वे यदि कब्रगाहों को भी देखेंगे तो उन्हें वहां ‘जन्नत’ ही नुमाया होगी।
जैकि अपणि बोली नि भाषा नि समझा वेकि ब्वै अर बुबा नि_जीवानन्द श्रीयाल

Offline धनेश कोठारी

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‘रबिश सॉटर’ नाम का जापानी रोबो कूड़े के ढेर से प्लास्टिक छांटेगा।

भई आदमी तो अपनी आदतों से बाज नहीं आने वाला, वह तो सिर्फ कचरा करना ही जानता है। आदमी नामक इन्सानी ‘रोबो’ के लिए तो अब यही ख्याल आ रहा है कि-
अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम
दास कबीरा कह गये सबके दाता राम॥

जैकि अपणि बोली नि भाषा नि समझा वेकि ब्वै अर बुबा नि_जीवानन्द श्रीयाल

Offline धनेश कोठारी

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नमक भी होगा मंहगा! (गुजरात में नमक निर्माता कम्पनियों ने कीमतें बढ़ाने की चेतावनी दी)

चलो अच्छा है,
नमक भी मंहगा हो जाये तो नमक खाना ही छोड़ देंगे।
कम से कम फिर कोई नमक का वास्ता तो नहीं देगा।
जैकि अपणि बोली नि भाषा नि समझा वेकि ब्वै अर बुबा नि_जीवानन्द श्रीयाल

Offline धनेश कोठारी

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होली के बाद से चीनी के दामों में १० रुपये की कमी हुई।
यों तो मंहगाई ने आम आदमी के जायके को कड़वा बना डाला है। लेकिन चीनी की कीमतों में गिरावट के चलते अब आगत मेहमान भी बेहिचक कह पायेंगे कि- कुछ मीठा हो जाये।
जैकि अपणि बोली नि भाषा नि समझा वेकि ब्वै अर बुबा नि_जीवानन्द श्रीयाल

Offline धनेश कोठारी

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एसएसपी हरिद्वार के आवास पर तीसरी बार टस्कर हाथी घुस आया।

भई उसे भी मालूम है कि एक बार में सुनवाई नहीं होने वाली। क्योंकि वन विभाग से तो उसका भरोसा उठ चुका है। अब शायद उसे उत्तराखण्ड मित्र पुलिस से उम्मीद हो, और इसीलिए कहने आया हो कि- save me! save me!! save me!!!
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एसएसपी हरिद्वार के आवास पर तीसरी बार टस्कर हाथी घुस आया।

भई उसे भी मालूम है कि एक बार में सुनवाई नहीं होने वाली। क्योंकि वन विभाग से तो उसका भरोसा उठ चुका है। अब शायद उसे उत्तराखण्ड मित्र पुलिस से उम्मीद हो, और इसीलिए कहने आया हो कि- save me! save me!! save me!!!


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उत्तराखण्ड में शिक्षा का कानून अधिकार के संदर्भ में ‘सपनों की उड़ान’ योजना को लागू किया जा रहा है। जिसके तहत मोबाइल वैनों के जरिये बच्चों को शिक्षित किया जायेगा।

अब हकीकत में न सही सपनों में ही पंख फड़फड़ाने से तो लगेगा कि राज्य विकास कर रहा है। वैसे भी बच्चों को मालूम होना चाहिए कि यहां सपने देखना तो ठीक है लेकिन उनका साकार होना कतई जरूरी नहीं। और फिर गंगी, घेस बलाण, धारचूला बौर्डर के बच्चे तो फिलहाल सपनों की उड़ान कतई न भरें क्योंकि वहां योजना की मोबाइल वैन नहीं पहुंचने से पहले एक अद्‍द सड़क की दरकार होगी।
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Offline धनेश कोठारी

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प्रदेश कांग्रेस अब आम लोगों की परेशानियों पर फोकस करेगी। जिसके लिए दस मुद्‍दों की सूची तैयार की गई है।

भई माननीय कांग्रेसजनों तुम्हारे फोकस करने से तो जनता की दिक्कतें कम होने से रही। इस काम को यदि सत्तासीन करें तो बात बने। और तुम्हें तो 2012 के बाद सत्तासीन होने के बाद इस विषय पर सोचना चाहिए।
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Offline vivekpatwal

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Vivek Patwal
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Offline धनेश कोठारी

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एलबीडबल्यू का सस्पेंस है।
फैसला थर्ड अंपायर पर टिका है।
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