प्रिय अरुण जी नमस्कार,
सबसे पहले मैं आपको यह पर आपका प्रश्न रखने के लिए धन्यवाद् देता हूँ |
अरुण जी ऐसा है की आज उत्तराखंड से जुडी अनेको ऐसी कम्युनिटी है जो किसी न किसी रूप में उत्तराखंड के लिए काम कर रही है , काहे वो विकास हो, संस्कृति हो लोक कला हो या सामाजिक सेवा हो | यह अपने आप में एक मिसाल है की हम आज चाहे कही भी रहे ,हमारा ह्रदय आज भी अपनी जन्मभूमि से दूर रह कर वहा से जुडा हुआ है |
यंग उत्तराखंड की वास्तविक शुरुआत आज से लगभग ७ साल पहले हुई थी | उस समय जितने भी सदस्य यंग उत्तराखंड में सम्मिलित थे उन्होंने यंग उत्तराखंड के लिए अपना भरसक योगदान दिया | आज कई संस्थाए बनी हुई है उन सभी का उदगम कमोबेश यही से ही हुआ है |
जब परिवार बड़ा हो जाता है तो वहा रहने वालो की सोच व् तकनीक में अंतर आ ही जाता है और वे किसी ऐसी स्थिति पर पहुँच जाते है जहा साथ चलना आसान नहीं होता फिर परिवार की मर्यादा भंग न हो इसी कारण अलग अलग रहने की नौबत आ जाती है | आज सब अलग अलग रह कर एक दुसरे से जुड़े हुए है और आपसे में विचार विमर्श करते रहेते है |
सबसे अच्छी बात तो यह है की काम कोई भी करे लेकिन सोचने वाली बात ये है की वे सभी उत्तराखंड के लिए ही काम कर रहे है ...इससे बड़ी बात क्या हो सकती है जी हमें खुशी देती है |
हमें अपने दिल दिमाग से यह भ्रम निकल देना चाहिए की सब अलग अलग क्यों काम कर रहे है |
आशा है की आप मेरे इस उत्तर से संतुष्ट होंगे |
आपका