दोसतो सन 2005 मे इन जगहो पर मेरा जाना हुआ था तब मैने इन जगहो को देखा, और समझा, सोचा, तो दोसतो इन पहाडीयों और इन खेतो को देखकर एक कुमाउनी गीत लिखते हुवे वापस लौटा
गाने के बोल कुछ यु लिखे
मेरी मैतैकी हरियाली डाडी, हो डाडी घुमी आया म्यारा मैत मा.
मैत = मायका
'डाडी=पहाडी
मैतैकी =मायेके की
घुमी आया =घुम फिर आना
LAGE RAHO PURU DA
