देहरादून/ विधानसभा के पटल पर राजधानी चयन आयोग की रिपोर्ट काफी पहले रखी जा चुकी है। इस पर चरचा होनी है।यह कब होगी, पता नहीं। चालू सत्र में जो स्थिति बन रही है, उसे देखते हुए तो साफ कहा जा सकता है। राजधानी का मसला इस बार भी नहीं उठ पायेगा। राजनीतिक दलों का रुझान भी कुछ कम ही नजर आ रहा है। घपले-घोटाले के आरोप-प्रत्यारोप से उपजी स्थिति के बीच यूकेडी की आवाज दबी हुई है।
दीक्षित आयोग की रिपोर्ट स्थायी राजधानी के लिए गैरसैंण के पक्ष में नहीं है। सदन के पटल पर रिपोर्ट रखने के बाद इसका खुलासा हो चुका है। यूकेडी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की लगातार मांग कर रही है। मगर बीजेपी-कांग्रेस समेत अन्य दलों का नजरिया बहुत स्पष्ट नहीं है। ऐसे में फिलहाल यह मसला ठंडे बस्ते में ही नजर आ रहा है।
सरकार में साझीदार यूकेडी के एजेंडे में गैरसैंण का मसला सबसे ऊपर जरुर है। लेकिन, वह भी अपनी बात पुरजोर ढंग से नहीं रख पा रही है। दल हर विधानसभा सत्र में रैली निकालकर अपनी मंशा जरूर जता रही है।
राय-
राजधानी का मसला सभी दलों की बैठक से हल होना है। बीजेपी अलग से अपनी कोई राय व्यक्त नहीं कर सकती - बिशन सिंह चुफाल (प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी)
पहले सरकार राजधानी मसले पर अपनी राय प्रकट करे। कांग्रेस भी अपनी राय रखने में फिर देर नहीं करेगी - यशपाल आर्य (प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस)
केवल यूकेडी राजधानी मसले पर साफ है। गैरसैंण ही राजधानी होनी चाहिए। इसके लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे - (प्रदेश अध्यक्ष यूकेडी)
Source : Amara ujala - 15/02/2010